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सफल रहा संसद का शीतकालीन सत्र,राज्यसभा में 15 और लोकसभा में पारित हुए 14 बिल

Dec, 17 2019

13 December 2019 

नयी दिल्लीः  संसद का 18 नवंबर से शुरू हुआ शीतकालीन सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. इससे पहले राज्यसभा में सभापति एम वेंकैया नायडू ने अपने पारंपरिक भाषण में सत्र के दौरान हुए कामकाज पर संतोष जताते हुए इसे ऐतिहासिक करार दिया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस अवसर पर अपने पारंपरिक भाषण में कहा कि सभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गयी. सत्र के दौरान नागरिकता विधेयक तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आरक्षण को दस साल बढ़ाने संबंधी संविधान संशोधन विधेयकों पर सदन में लंबी चर्चा हुई. इस दौरान ई-सिगरेट पर रोक लगाने संबंधी विधेयक, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र संबंधी विधेयक सहित विभिन्न विधेयकों को चर्चा कर पारित किया गया. साथ ही उच्च सदन में लंबे अंतराल के बाद अनुदान की अनुपूरक मांगों को चर्चा के बाद लोकसभा को लौटाया गया. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 18 सरकारी विधेयक पुन:स्थापित हुए और कुल मिलाकर 14 विधेयक पारित हुए. इस प्रकार से सभा की उत्पादकता 115 प्रतिशत दर्ज की गयी. सत्र के दौरान उच्च सदन में कुल 15 विधेयक पारित किये गये या विचार कर लौटाये गये. इनमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति विधेयक शामिल है जो इस तरह के व्यक्तियों के हितों के लिये लाया गया अपनी तरह का पहला विधेयक है. सत्र के दौरान सदस्यों ने दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तथा शून्यकाल में एवं विशेष उल्लेख के जरिये लोकमहत्व के विभिन्न मुद्दे उठाये. 

इस दौरान कुल 255 मौखिक सवालों में से 171 का जवाब दिया गया जो कुल सवालों का 67 प्रतिशत है. इस प्रकार सत्र के दौरान प्रतिदिन 9.5 मौखिक सवालों का जवाब दिया गया. सभापति ने राज्यसभा के 250वें सत्र को ऐतिहासिक सत्र करार देते हुये कहा कि इसकी ‘गंभीरता एवं संक्षिप्तता' महत्वपूर्ण रही.

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