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महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का निधन, आइंस्टीन के सिद्धांत को दी थी चुनौती

Nov, 19 2019

14 November 2019 

पटना: महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में निधन हो गया. कहा जाता है कि वशिष्ठ नारायण सिंह ने आइंस्टाइन के सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती दी थी. 74 वर्षीय वशिष्ठ नारायण लंबे समय से सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. उनके एक करीबी ने बताया कि फिलहाल पटना में रहने वाले सिंह की आज सुबह तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर तत्काल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बिहार के भोजपुर के बसंतपुर के रहने वाले सिंह की तबीयत पिछले महीने भी खराब हुई थी, जिनका इलाज पीएमसीएच में ही कराया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर शोक जताया है और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने का ऐलान किया है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शोक जताते हुए कहा कि उनके निधन से ना सिर्फ शिक्षा जगत बल्कि सामाजिक जगत को भी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई मुश्किल है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.

गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह अपने शैक्षणिक जीवनकाल से ही कुशाग्र रहे थे. पटना सायंस कॉलेज में पढ़ते हुए उनकी मुलाकात अमेरिका से पटना आए प्रोफेसर कैली से हुई. उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर प्रोफेसर कैली ने उन्हे बर्कली आकर शोध करने का निमंत्रण दिया. 1969 में उन्होंने कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने वाशिंगटन में गणित के प्रोफेसर के पद पर काम किया. वो 1971 में वह भारत वापस लौट आये. उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर और भारतीय सांख्यकीय संस्थान, कलकत्ता में अध्यापन का कार्य किया. वे भूपेन्द्र नारायण मंडल विष्वविद्यालय, मधेपुरा के विजिटिंग प्रोफेसर भी थे. उन्होंने ‘साइकिल वेक्टर स्पेस थ्योरी‘ पर शोध किया था.

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