Monday, April 2, 2018

नए DP प्लान के माध्यम से बिल्डरों की खुल गई लॉटरी, अब किसी भी प्लॉट पर मिल सकती है 5:00 जितनी एफएसआय


·       महाराष्ट्र सरकार इन दिनों मुंबई के लिए नया DP प्लान बना रही है. लेकिन इस DP प्लान के तहत बहुत बड़े घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है. जिसकी वजह से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है.
मामला है सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट यानी c.b.d. का. सीबीडी यानी ऐसा इलाका होता है जिसे सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए विशिष्ट इलाके के रूप में घोषित किया गया हो. जैसे कि बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स, नरीमन पॉइंट इत्यादि. इन इलाकों में बड़ी और ऊंची इमारत बनाने के लिए सरकार ज्यादा एफएसआय देती है.

नए डीपी प्लान में इन्हीं प्रावधानों के साथ छेड़छाड़ की गई है. दरअसल डीपी प्लान में 33(19) सेक्शन के तहत सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट को अतिरिक्त एफएसआय देने के प्रावधान लिखे गए हैं. यूं तो इसमें साफ-साफ लिखा गया है कि Central बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में कितने बडे प्लोट पर कितनी एसएसआई कितनी दी जा सकती है. लेकिन इसके रुल नंबर 5 में कुछ ऐसे नियम लिखे गए हैं जिसकी वजह से रिहाइशी इलाकों में भी अतिरिक्त f s i का रास्ता खुल गया है. रुल नंबर 5:00 में लिखा गया है कि जो भी प्लॉट चाहे वह निजी और रिहाईशी ही क्यों न हो यदि पालिका कमिश्नर चाहे तो उस प्लोट पर अतिरिक्त एफएसआय सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के आधार पर दे सकता है. इसका सीधा सीधा मतलब यह होता है की सरकार मनचाहे प्रोजेक्ट पर अतिरिक्त एफएसआय दे सकती है और मनचाहे प्रोजेक्ट पर एफएससाई न भी दे. यानी कि भ्रष्टाचार का रास्ता खुल गया और सरकार की तिजोरी में कम पैसा आएगा. स्क्वायर मीटर या उससे बड़े प्लॉट मालिकों के लिए यह एक लॉटरी से कम नहीं. क्योंकि सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट कानून के तहत 5 एफएसआई मिलेगी और 20 फीसद अतिरिक्त f s i यानी फंजीबल f s i जोड दे तो कुल 6:00 एसएसआई तक का निर्माण हो पाएगा. यानी इमारत बुलंद होगी.

आमतौर पर रिहाइशी इलाके, कमर्शियल प्लाट और निजी प्लॉटों के ऊपर एफएसआय मर्यादित होती है. 60 फीट से छोटी सड़कों पर 2.4 जितना टीडीआर ही लागू हो सकता है. वही दक्षिण मुंबई और शहर के अन्य इलाकों में एफएसआई मर्यादित है. लेकिन अब नए कानून के अनुसार यदि एक छोटी सी सड़क के ऊपर भी 3000 स्क्वायर मीटर से बड़ा प्लॉट हो तो उसे पांच जितनी एफएसआय मिल सकती है.

इन दिनों कमर्शियल मार्केट में मंदी छाई हुई है. ऐसे में कमर्शियल इमारतों के लिए यह रास्ता खोल देने के चलते बड़े पैमाने पर मुंबई शहर में कमर्शियल निर्माण होंगे. सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या शहर की छोटी सडके, जटिल गटर व्यवस्था, पानी की कमी और सार्वजनिक यातायात के सीमित साधन, इतनी ऊंची इमारतों में काम करने वाले लोगों की जरूरतें पूरी कर पाएगीजिस हाताल मे सडके बीमार है, बिजली की कमी है, पानी कम आता है. एसेमे शहर की छोटी-छोटी इमारतो के बीच अचानक उंची इमारत खडी होने के चलते शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बुरा असर पडेगा. 

यदि सरकार की चली तो इस कानून के तरह. ऊंची इमारते शहर के किसी भी कोने में किसी भी वक्त देखने को मिल जाएगी.


Sr. No.
Plot area excluding area to be handed over in lieu of Reservation / Designation in the DP except affected by proposed DP roads / Sanctioned RL under MMC act.
Maximum permissible FSI
1
Up to 2000 sq.m
3
2
Above 2000 and up to 3000 sq.m
4
3
Above 3000 sq.m
5



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