बीएमसी चुनाव मे कोंग्रेस ने गैर-मराठीओ को जमकर बांटे टिकट. बीजेपी, शिवसेना और एमएनएस ने भी दिए टिकट.


मुंबई एक आंतरराष्ट्रीय शहर है एसेमे सिर्फ मराठी भाषीको को टिकट देने से बीएमसी का चुनाव नहीं जीता जा सकता. इसी बात को ध्यान मे रखते हुए अबकी बार लगभग तमाम दलो ने गैर-मराठी भाषीको को टिकट दिया है. जानिए रोचक तथ्य.....


  • गैरमराठी उम्मीदवारो को टिकट देने मे सबसे अव्वल रही कोंग्रेस पार्टी. कोंग्रेस के 227 मे से 96 से ज्यादा उम्मीदवार गैर मराठी है. कहने की जरुरत नहीं कि कोंग्रेस अपनी जीत गैर-मराठी भाषीको के बीच ही ढूंढ रही है. वैसे मुंबई कोंग्रेस का अध्यक्ष भी गैर-मराठी भाषीक है. 

  • आपको यह सुनतक ताज्जुब होगा कि मुंबई मे गुजरातीओ को टिकट देने के मामले मे बीजेपी से आगे निकल गई है कोंग्रेस. कोंग्रेस ने 22 गुतरातीओ को टिकट दिया है. जबकी बीजेपी ने 18. वहीं अबकी बार शिवसेना ने 7 और एमएनएस ने 3 गुजरातीओ को टिकट दिया है. 

  • मुस्लिमो को टिकट देने के मामले मे भी कोंग्रेस अव्वल है. कोंग्रेस के 39 उम्मीदवार मुस्लिम है. जबकि बीजेपी, कोंग्रेस और एमएनएस के कुल मिलाकर मुस्लिम उम्मीदवारो की संख्या 15 के करीब है. 

  • शिवसेना ने 5 मुस्लिम उम्मीदवारो को टिकट दिया है. 

  • गैरमराठी भाषाको को टिकट देने के मामले मे बीजेपी दुसरे क्रम पर है. बीजेपी ने करीब 49 जितने गैर-मराठी भाषीको को टिकट दिया है. 

  • उत्तर भारतीयो के खिलाफ आंदोलन करने वाली एमएनएस पार्टीने 7 उत्तर भारतीयों को टिकट दिया है. वही शिवसेना ने महज 4 उत्तर भारतीयों को टिकट दिया है. 

  • एमआयएम ने करीब 2 गैर मुस्लिमो को टिकट दिया है. 



बीएमसी चुनाव मे शिरकत कर रही प्रमुख पार्टीओ ने गैर-मराठीओ को दिए हुए टिकट...

उत्तर भारतीय उम्मीदवार

कांग्रेस – 35
बीजेपी – 25
एमएनएस – 7
शिवसेना – 4


मुस्लिम उम्मीदवार

कांग्रेस – 39
बीजेपी – 6
शिवसेना – 5
एमएनएस – 4


गुजराती उमेदवार

कांग्रेस – 22
बीजेपी – 18
शिवसेना – 7
एमएनएस- 3

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